भारत की राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम 16 से 21 फरवरी, 2026 तक पूरी दुनिया के लिए तकनीक का केंद्र बना रहा। ‘India AI Impact Summit 2026’ ने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उसे गढ़ने वाला विश्व गुरु बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज जैसे सुंदर पिचाई (Google) और सैम ऑल्टमैन (OpenAI) शामिल हुए।
तीन सूत्र और सात चक्र: एक नई दिशा
यह समिट तीन मुख्य सूत्रों—पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति) पर आधारित थी। इसके माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि AI केवल बड़े शहरों या कॉरपोरेट दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह खेतों, स्कूलों और गांवों तक पहुँचेगी। इस समिट के ‘सात चक्र’ (जैसे सुरक्षित और विश्वसनीय AI, आर्थिक विकास, और मानव पूंजी) भारत के AI रोडमैप की रीढ़ बनकर उभरे हैं।
समिट की बड़ी उपलब्धियां
नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration): 89 देशों ने एक सुर में भारत के उस दृष्टिकोण को सराहा जिसमें AI के लाभ को पूरी मानवता के लिए समान रूप से बांटने की बात कही गई है।
स्वदेशी ताकत: समिट में ‘भारत-जैन’ (BharatGen) जैसे स्वदेशी मॉडल्स और ‘सर्वम AI’ के स्मार्ट ग्लासेस ने दुनिया को भारत की ‘इनोवेशन पॉवर’ दिखाई। अब AI 22 भारतीय भाषाओं में काम कर सकेगा, जिससे भाषा की दीवार ढह जाएगी।
भारी निवेश: इस दौरान लगभग $250 बिलियन के बुनियादी ढांचे के निवेश और $20 बिलियन के डीप-टेक वेंचर फंडिंग की घोषणा की गई, जो भारत में लाखों नए रोजगार पैदा करेगा।
आम नागरिक पर क्या होगा असर?
इस समिट का असली नायक ‘आम भारतीय’ है। ‘AI for All’ के तहत अब किसान को अपनी भाषा में मौसम और फसल की सटीक जानकारी मिलेगी, छोटे व्यापारियों को डिजिटल टूल्स के जरिए वैश्विक बाजार मिलेगा और विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत शिक्षा (Personalized Education) सुलभ होगी। ‘टाटा AI सखी’ जैसे कार्यक्रमों ने दिखाया कि कैसे ग्रामीण महिलाएं भी स्मार्टफोन से AI का उपयोग कर अपनी आजीविका सुधार सकती हैं।
निष्कर्ष
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत @ 2047’ की ओर बढ़ाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। यह तकनीक अब हमारे जीवन को आसान, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए तैयार है।